मन करता है खूब पढूं,
सारा कुछ पढ़ जाऊँ,
सारे प्रश्न ख़त्म कर दूँ ,
मन करता है खूब घूमूं,
सारा जहाँ नाप दूँ क़दमों से,
समग्र दृष्टि पा जाऊँ,
मन करता है खूब मिलूं,
सब को हृदयगत कर लूँ,
सारे भेद ख़त्म कर दूँ,
मन करता है खूब हंसूं,
सब कुछ आनंदमय कर दूँ,
सारे दुःख भगा दूँ,
ये सब कर लेने के बाद.......??
मन करता है खूब सोचूं,
सारा कुछ सोच लूँ,
ताकि भावों को जगह दूँ,
लोकेश
Friday, March 6, 2009
Subscribe to:
Comments (Atom)