Friday, April 11, 2008

एक अकेला पंछी, दरख्त ने सहारा दिंया,
अपनी आंखों से जन्नत का नज़ारा दिया,
ऊम्र गुज़ारी दरख्त मे रहते,
उसको अपना आशियाँ कहते,
एक अकेला दरख्त, पंछी ने गुज़ारा दिया........

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