Wednesday, May 27, 2009

चाय की चुस्कियां

लेते चाय की चुस्कियां; समोसे के साथ,
चाहे जेब खाली , है जीने का फितूर,
बात निकलती बातो से; दोस्तों के साथ,
चाहे सच्ची-झूठी, है जीने का फितूर,
बनाते पुल सपनो के; अपनों के साथ,
चाहे असली-नकली, है जीने का फितूर,
पाते सारी खुशिया ठहाको के साथ
चाहे आंसू ढलके, है जीने का फितूर,
कहते रसीले किस्से;  बौछारों के साथ,
होते खट्टे-मीठे,  है जीने का फितूर,
बनाते माहोल ताजा;  ज़माने के साथ,
पाते जोश मे होश, है जीने का फितूर,
चलना हो तो चलिए दीवाने के साथ
थोडा साथ जीले, है जीने का फितूर.
रहता हैं "गुलफाम" जिन्दगी के साथ,
फिर मिले-नामिले, है जीने का फितूर.

फितूर=झक/सनक/लगन

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